कॉमरेड रजुली देवी को लाल सलाम

डा- दूधनाथ की पत्नी और हमराही साथी रजुली देवी का 28/7/16 को हृदयघात से देहांत हो गया। रजुली देवी ग्राम मर्यादपुर (अजोरपुर टोला), जनपद मऊ में सपरिवार रहती थीं और सामाजिक काम के लिए जानी जाती थीं। अगले दिन (29/7/16) 2ः30 बजे बिना किसी पाखंड के बेहद सादे तरीके से अंत्येष्टि क्रिया संपन्न की गई और लाल सलाम के नारों के साथ उनको अंतिम विदाई दी गई। अंत्येष्टि क्रिया में शामिल मर्यादपुर गांव सहित दूर-दराज से आए उनके जानने वालों ने एक नई परंपरा का सूत्रपात किया और संकल्प लिया कि आगे से हम लोग पूरे सम्मान और मानवीय गरिमा के साथ अंतिम विदाई देंगे। समस्त शोकाकुल जन ने तय किया कि दिवंगत साथी के सम्मान में 7 अगस्त को उनके आवास पर दिन में 11 बजे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जायेगा। श्रद्धांजलि सभा में साथी रजुली देवी को याद करते हुए साथी हरेंद्र यादव ने कहा कि गांव के कोटा, पट्टा आदि की लड़ाई से लेकर स्कूल तक हर जगह वह साहस के साथ आगे रहीं। लेकिन दुःख की बात है कि ऐसे साहसी साथी को जीवन के उत्तरार्द्ध में मुकदमे का सामना करना पड़ा। अपनी थोड़ी से जमीन पर हुए बेवजह के मुकदमे से वे बहुत आहत थीं। संदीप राउजी ने कहा कि वे हमेशा वैज्ञानिक विचारों के साथ और पाखंडों के विरोध में खड़ी रहीं। अपनी सहज बुद्धि से समझ जाती थीं कि कौन समाज का दोस्त है और कौन दुश्मन। आज पूरे देश में ब्राह्मणवाद के खिलाफ जो दलित आंदोलन उठ खड़ा हुआ है, रजुली देवी हमेशा उसके समर्थन में रहीं। उत्तराखंड से आये साथी मुकुल ने कहा कि अपने जीवन में उन्होंने बच्चों के लिए निःशुल्क स्कूल खोलने में नारी सभा का नेतृत्व किया। उनका सबसे बड़ा योगदान शराब बंदी का अभियान है, जिसके लिए इलाके की औरतें किसान नेता के तौर पर हमेशा याद करेंगी। मंच का संचालन करते हुए बाबूराम शर्मा ने अंत में अपनी बात में साम्राज्यवादी लूट और भारतीय किसानों की दुर्दशा पर विस्तृत बात रखी।

इस अवसर पर कासीनाथ यादव, बिरजू ओमप्रकाश, समीक्षा, गौरीशंकर आचार्य तथा नारी सभा ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। सभा में सुरेश यादव, जनार्दन, डॉ संध्या पांडेय, आजम अनवर, रामअवध भंते, वामसेफ के राजेश शर्मा आदि वक्ताओं ने अपनी बात रखी। त